पितृ दोष पूजा

पूर्वजों की आत्मा की शांति, पितृ दोष निवारण एवं परिवार में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के लिए।

समय

3 - 5 घंटे

स्थान

उज्जैन मध्य प्रदेश

इस पूजा के लाभ

पितृ दोष के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है।

पूर्वजों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।

परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है।

विवाह एवं करियर में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।

संतान प्राप्ति एवं पारिवारिक उन्नति के योग मजबूत होते हैं।

आर्थिक समस्याओं एवं ऋण से राहत मिलने के योग बनते हैं।

मानसिक तनाव एवं नकारात्मक ऊर्जा कम होती है।

पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पितृ दोष पूजा क्या है?

पितृ दोष पूजा वैदिक शास्त्रों के अनुसार उन व्यक्तियों के लिए की जाती है जिनकी जन्म कुंडली में पितृ दोष होता है या जिनके पूर्वजों की आत्मा किसी कारणवश संतुष्ट नहीं मानी जाती। पितृ दोष के कारण जीवन में बार-बार बाधाएँ, आर्थिक संकट, संतान संबंधी समस्याएँ, विवाह में विलंब, मानसिक तनाव एवं पारिवारिक अशांति जैसी कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं।

उज्जैन की पावन भूमि पर योग्य वैदिक पंडितों द्वारा विधि-विधान से सम्पन्न पितृ दोष पूजा एवं तर्पण से पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करने तथा उनके आशीर्वाद की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह पूजा परिवार में सुख, समृद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा लाने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इस पूजा में क्या-क्या शामिल है?

सम्पूर्ण पूजा सामग्री

अनुभवी वैदिक पंडित

संकल्प एवं गोत्र उच्चारण

पितृ पूजन एवं तर्पण

भगवान विष्णु एवं यम देव की प्रार्थना

हवन एवं पूर्णाहुति

पूजा का वीडियो

प्रसाद वितरण

पूजा की प्रक्रिया

संकल्प

यजमान के नाम, गोत्र एवं उद्देश्य के अनुसार संकल्प।

गणेश पूजन

सभी विघ्नों के निवारण हेतु भगवान श्री गणेश का पूजन।

पितृ पूजन

पूर्वजों का विधिवत पूजन एवं आह्वान।

तर्पण

वैदिक विधि से जल, तिल एवं अन्य सामग्री द्वारा तर्पण किया जाता है।

हवन

वैदिक मंत्रों के साथ हवन कर पितृ दोष की शांति की प्रार्थना।

आरती एवं प्रसाद

पूजा का समापन एवं पूर्वजों के आशीर्वाद की कामना।

महत्वपूर्ण जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पितृ दोष क्या होता है?

जब जन्म कुंडली में ऐसे योग बनते हैं जो पूर्वजों के अशांत होने या उनके आशीर्वाद में बाधा का संकेत देते हैं, उसे पितृ दोष कहा जाता है।

पितृ पक्ष, अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या या किसी योग्य पंडित द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में यह पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है।

हाँ, आप वीडियो कॉल के माध्यम से पूजा में सम्मिलित हो सकते हैं।

हाँ, पूजा हेतु आवश्यक सभी सामग्री हमारी टीम द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।

लगभग 3 से 5 घंटे।

यदि गोत्र ज्ञात हो तो अवश्य बताएं। यदि गोत्र ज्ञात नहीं है, तो भी योग्य पंडित वैदिक विधि के अनुसार पूजा संपन्न कर सकते हैं।

हाँ, भारत एवं विदेश (NRI) से भी ऑनलाइन वास्तु शांति पूजा बुक की जा सकती है।

हाँ, पूजा सम्पन्न होने के बाद प्रसाद आपके दिए गए पते पर कुरियर द्वारा भेजा जाता है।

Scroll to Top