मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा पूजा

देवी-देवताओं की मूर्ति में विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा एवं दिव्य ऊर्जा के आवाहन के लिए विशेष पूजा

समय

3 - 6 घंटे

स्थान

उज्जैन मध्य प्रदेश

मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के लाभ

देवी-देवता की मूर्ति में प्राण एवं दिव्य ऊर्जा के आवाहन की प्रार्थना

मंदिर या पूजा स्थल को धार्मिक रूप से स्थापित करने में सहायता

घर, मंदिर या प्रतिष्ठान में सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण की कामना

विवाह एवं पारिवारिक जीवन में सुख-शांति आती है।

मानसिक तनाव, भय एवं चिंता दूर होती है।

परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वातावरण बनता है।

आयु, स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास में वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

जीवन में सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति होती है।

मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा पूजा क्या है?

मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एक महत्वपूर्ण वैदिक धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें देवी-देवता की नई मूर्ति को विधि-विधान से स्थापित करके उसमें दिव्य चेतना एवं ऊर्जा के आवाहन की प्रार्थना की जाती है। मंदिर, घर या किसी नए पूजा स्थल में मूर्ति स्थापित करने से पहले या उसके अवसर पर यह अनुष्ठान कराया जाता है।

इस पूजा में शुद्धिकरण, संकल्प, गणेश पूजन, कलश स्थापना, देवी-देवता का आवाहन, मंत्र जाप, हवन एवं अन्य वैदिक विधियों के माध्यम से पूजा संपन्न की जाती है। अनुष्ठान का उद्देश्य पूजा स्थल को धार्मिक रूप से तैयार करना और श्रद्धा के साथ देवी-देवता की आराधना प्रारंभ करना होता है।

इस पूजा में क्या-क्या शामिल है?

सम्पूर्ण पूजा सामग्री

वैदिक पंडित

संकल्प एवं शुद्धिकरण

मंत्र एवं आवाहन

हवन एवं पूर्णाहुति

प्रसाद वितरण

जाप की प्रक्रिया

संकल्प

यजमान के नाम, गोत्र एवं उद्देश्य के अनुसार संकल्प।

गणेश पूजन

सभी विघ्नों के निवारण हेतु भगवान श्री गणेश का पूजन।

मूर्ति पूजन

देवी-देवता की मूर्ति का विधिवत पूजन एवं आवाहन

प्राण प्रतिष्ठा विधि

वैदिक मंत्रों एवं निर्धारित विधि के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान

हवन

मंत्रोच्चार के साथ हवन, आहुति एवं पूर्णाहुति

आरती

देवी-देवता की आरती, प्रार्थना एवं प्रसाद वितरण

महत्वपूर्ण जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा पूजा कब करनी चाहिए?

मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ तिथि और मुहूर्त का चयन पंडित जी द्वारा पंचांग एवं पूजा की परिस्थितियों के अनुसार किया जाता है।

हाँ, घर में स्थापित की जाने वाली देवी-देवता की मूर्ति के लिए भी विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा पूजा कराई जा सकती है। अनुष्ठान की विधि मूर्ति और परंपरा के अनुसार निर्धारित की जाती है।

पूजा पैकेज के अनुसार आवश्यक सामग्री हमारी ओर से उपलब्ध कराई जा सकती है। विशेष सामग्री या बड़ी प्राण प्रतिष्ठा के लिए अलग से सामग्री की आवश्यकता हो सकती है।

सामान्य पूजा में लगभग 3 से 5 घंटे लग सकते हैं। बड़े मंदिर या विस्तृत अनुष्ठान में अधिक समय लग सकता

हाँ, विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापना के लिए संबंधित परंपरा और विधि के अनुसार अनुष्ठान कराया जा सकता है।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद नियमित रूप से देवी-देवता की पूजा, आरती और नैवेद्य आदि अपनी परंपरा एवं पंडित जी के मार्गदर्शन के अनुसार किया जा सकता है।

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