विवाह पूजा (वैदिक विवाह संस्कार)
वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार शुभ एवं मंगलमय विवाह संस्कार के लिए अनुभवी पंडित द्वारा सम्पूर्ण पूजा।
समय
4 - 8 घंटे
स्थान
उज्जैन मध्य प्रदेश
विवाह पूजा के लाभ
वैदिक विधि से विवाह सम्पन्न होता है।
दूल्हा-दुल्हन को सुखी एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास एवं सामंजस्य बढ़ता है।
सात फेरों एवं वैदिक मंत्रों के साथ पवित्र बंधन स्थापित होता है।
परिवार में सुख, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
दांपत्य जीवन में मंगल एवं सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
वैवाहिक जीवन की शुभ शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से होती है।
पारिवारिक परंपराओं एवं वैदिक संस्कारों का पालन सुनिश्चित होता है।
विवाह पूजा क्या है?
विवाह संस्कार हिन्दू धर्म के सोलह संस्कारों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं पवित्र संस्कार है। यह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का आध्यात्मिक एवं सामाजिक मिलन माना जाता है।
वैदिक मंत्रों, अग्नि साक्षी, सप्तपदी (सात फेरे), कन्यादान एवं अन्य धार्मिक विधियों के माध्यम से यह संस्कार सम्पन्न किया जाता है। उज्जैन के अनुभवी वैदिक पंडित सम्पूर्ण विधि-विधान एवं शास्त्रों के अनुसार विवाह सम्पन्न कराते हैं, जिससे नवविवाहित दंपति को सुख, समृद्धि एवं भगवान का आशीर्वाद प्राप्त हो।
इस सेवा में क्या-क्या शामिल है?
वैदिक पंडित
सम्पूर्ण वैदिक विवाह विधि
विवाह संकल्प एवं गणेश पूजन
वरमाला एवं मंगलाष्टक
कन्यादान संस्कार
सिंदूर एवं मंगलसूत्र संस्कार
सप्तपदी (सात फेरे)
आशीर्वाद एवं मंगल आरती
विवाह संस्कार की प्रक्रिया
गणेश पूजन
भगवान गणेश का पूजन कर विवाह का शुभारंभ किया जाता है।
वर एवं वधू का स्वागत
दोनों पक्षों का सम्मानपूर्वक स्वागत एवं मंगलाचरण।
संकल्प
वर-वधू एवं परिवार द्वारा विवाह का संकल्प लिया जाता है।
कन्यादान
वैदिक परंपरा के अनुसार कन्यादान संस्कार सम्पन्न किया जाता है।
हवन एवं अग्नि स्थापना
अग्नि देव को साक्षी मानकर वैदिक हवन किया जाता है।
सप्तपदी (सात फेरे)
वैदिक मंत्रों के साथ सात फेरों द्वारा विवाह सम्पन्न किया जाता है।
सिंदूर एवं मंगलसूत्र
वर द्वारा वधू को सिंदूर एवं मंगलसूत्र धारण कराया जाता है।
आशीर्वाद एवं समापन
दोनों परिवारों एवं पंडित द्वारा नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद प्रदान किया जाता है।
महत्वपूर्ण जानकारी
- पूजा आपकी बताई गई तिथि एवं शुभ मुहूर्त के अनुसार सम्पन्न होगी।
- पूजा ऑनलाइन (वीडियो कॉल) एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराई जा सकती है।
- कृपया पूजा बुक करते समय सही नाम, गोत्र एवं जन्म विवरण अवश्य दें।
- विशेष पूजा के लिए अग्रिम बुकिंग करना आवश्यक है।
- शुल्क स्थान एवं विशेष आवश्यकताओं के अनुसार परिवर्तित हो सकता है।
- पूजा के बाद प्रसाद एवं पूजन सामग्री आपके पते पर भेजी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सत्यनारायण कथा कब करानी चाहिए?
पूर्णिमा, एकादशी, गुरुवार, विवाह, गृह प्रवेश, जन्मदिन, व्यवसाय प्रारंभ या किसी भी शुभ अवसर पर सत्यनारायण कथा कराना अत्यंत शुभ माना जाता है।
2. क्या सत्यनारायण कथा सभी लोग करा सकते हैं?
हाँ, कोई भी श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि, मनोकामना पूर्ति एवं भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए यह कथा करा सकता है।
3. क्या यह पूजा ऑनलाइन करवाई जा सकती है?
हाँ, यदि आप उज्जैन नहीं आ सकते हैं तो आपकी ओर से संकल्प लेकर पूजा एवं जाप सम्पन्न किया जा सकता है तथा आपको लाइव वीडियो एवं पूजा की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
4. क्या पूजा सामग्री उपलब्ध कराई जाती है?
हाँ, पूजा हेतु आवश्यक सभी सामग्री हमारी टीम द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
5. पूजा में कितना समय लगता है?
लगभग 3 से 4 घंटे।
6. क्या घर पर भी सत्यनारायण कथा कराई जा सकती है?
हाँ, हमारे अनुभवी पंडित आपके घर, कार्यालय या किसी भी शुभ स्थान पर विधि-विधान से सत्यनारायण कथा सम्पन्न करा सकते हैं।
7. क्या पूरे भारत से पूजा बुक कर सकते हैं?
हाँ, भारत एवं विदेश (NRI) से भी ऑनलाइन वास्तु शांति पूजा बुक की जा सकती है।
8. क्या प्रसाद घर भेजा जाता है?
हाँ, पूजा सम्पन्न होने के बाद प्रसाद आपके दिए गए पते पर कुरियर द्वारा भेजा जाता है।