मंगल दोष शांति पूजा
विवाह में देरी, दांपत्य जीवन की समस्याओं, क्रोध, दुर्घटनाओं एवं मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति के लिए।
समय
3 - 4 घंटे
स्थान
उज्जैन मध्य प्रदेश
इस पूजा के लाभ
मांगलिक दोष के अशुभ प्रभावों में कमी आती है।
विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख एवं सामंजस्य बढ़ता है।
क्रोध एवं मानसिक तनाव में कमी आती है।
दुर्घटनाओं एवं विवादों से सुरक्षा प्राप्त होती है।
करियर एवं व्यवसाय में सफलता के मार्ग खुलते हैं।
आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त होती है।
मंगल दोष पूजा क्या है?
मंगल दोष पूजा वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में स्थित मांगलिक दोष (मंगल दोष) के अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए की जाने वाली विशेष पूजा है। जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है, तब मांगलिक दोष बन सकता है। इसके कारण विवाह में विलंब, वैवाहिक जीवन में तनाव, आर्थिक कठिनाइयाँ, क्रोध, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ तथा कार्यों में बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
उज्जैन में भगवान महाकाल की पावन नगरी में अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा विधि-विधान से की गई मंगल दोष पूजा मंगल ग्रह को शांत कर जीवन में सुख, शांति और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
इस पूजा में क्या-क्या शामिल है?
पूजा सामग्री
अनुभवी पंडित
पूजा संकल्प
मंगल ग्रह पूजन
नवग्रह पूजन
हवन एवं पूर्णाहुति
पूजा का वीडियो
प्रसाद वितरण
पूजा की प्रक्रिया
संकल्प
यजमान के नाम, गोत्र एवं उद्देश्य के अनुसार संकल्प।
गणेश पूजन
सभी विघ्नों के निवारण हेतु भगवान श्री गणेश का पूजन।
नवग्रह पूजन
सभी ग्रहों का विधिपूर्वक पूजन।
मंगल ग्रह पूजन
मंगल देव की विशेष आराधना एवं वैदिक मंत्रों का जाप।
पूर्णाहुति
पूजा का समापन पूर्णाहुति के साथ किया जाता है।
आरती एवं प्रसाद
आरती के बाद प्रसाद वितरण एवं आशीर्वाद।
महत्वपूर्ण जानकारी
- पूजा आपकी बताई गई तिथि एवं शुभ मुहूर्त के अनुसार सम्पन्न होगी।
- पूजा ऑनलाइन (वीडियो कॉल) एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराई जा सकती है।
- कृपया पूजा बुक करते समय सही नाम, गोत्र एवं जन्म विवरण अवश्य दें।
- विशेष पूजा के लिए अग्रिम बुकिंग करना आवश्यक है।
- शुल्क स्थान एवं विशेष आवश्यकताओं के अनुसार परिवर्तित हो सकता है।
- पूजा के बाद प्रसाद एवं पूजन सामग्री आपके पते पर भेजी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मंगल दोष क्या होता है?
जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह विशेष भावों में स्थित होकर वैवाहिक एवं जीवन संबंधी बाधाएँ उत्पन्न करता है, उसे मंगल दोष या मांगलिक दोष कहा जाता है।
2. मंगल दोष पूजा कब करनी चाहिए?
मंगलवार, शुभ मुहूर्त, नवरात्रि या कुंडली के अनुसार निर्धारित तिथि पर यह पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है।
3. क्या पूजा सामग्री उपलब्ध कराई जाती है?
हाँ, पूजा हेतु आवश्यक सभी सामग्री हमारी टीम द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
4. पूजा में कितना समय लगता है?
सामान्यतः वास्तु शांति पूजा 3 से 4 घंटे में सम्पन्न हो जाती है।
5. क्या प्रसाद घर भेजा जाता है?
हाँ, पूजा सम्पन्न होने के बाद प्रसाद आपके दिए गए पते पर कुरियर द्वारा भेजा जाता है।
6. पूजा बुक करने के लिए क्या जानकारी देनी होगी?
आपको अपना नाम, गोत्र, जन्म तिथि, पता एवं संपर्क नंबर उपलब्ध कराना होगा।
7. क्या पूरे भारत से पूजा बुक कर सकते हैं?
हाँ, भारत एवं विदेश (NRI) से भी ऑनलाइन वास्तु शांति पूजा बुक की जा सकती है।
8. क्या जन्म कुंडली आवश्यक है?
यदि उपलब्ध हो तो जन्म कुंडली देना लाभदायक है। यदि कुंडली उपलब्ध नहीं है, तो जन्म तिथि, समय एवं स्थान के आधार पर भी पूजा कराई जा सकती है।